Thursday, August 27, 2026

नकल की चिट मिलने पर छात्र की कथित पिटाई और प्रताड़ना, रेस्टीकेट के बाद सौंरा में अचेत मिला; कानपुर ले जाते समय मौत

DIGITAL NEWS GURU FATEHPUR DESK:

नकल की चिट मिलने पर छात्र की कथित पिटाई और प्रताड़ना, रेस्टीकेट के बाद सौंरा में अचेत मिला; कानपुर ले जाते समय मौत !

परिजनों का आरोप- दो महीने की फीस को लेकर भी किया गया अपमानित, 1500 रुपए का जुर्माना लगाया; स्कूल से निकाले जाने की सूचना परिवार को नहीं दी गई !

फतेहपुर में कक्षा-12 के छात्र तेजस उर्फ यशु की मौत के बाद सरस्वती बाल मंदिर इंटर कॉलेज के स्कूल प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि 26 अगस्त को परीक्षा के दौरान तेजस के पास नकल की पर्ची मिलने के बाद स्कूल में उसके साथ मारपीट और प्रताड़ना की गई। उसे परीक्षा से बाहर कर दिया गया और 1500 रुपए का जुर्माना लगाया गया। इसके बाद छात्र को स्कूल से रेस्टीकेट कर दिया गया।

परिजनों का यह भी आरोप है कि तेजस ने करीब दो महीने से फीस जमा नहीं की थी और फीस को लेकर भी उसे अपमानित किया गया। उनका कहना है कि स्कूल में हुई घटना और कथित प्रताड़ना के बाद छात्र मानसिक रूप से परेशान था। हालांकि, मारपीट, प्रताड़ना और छात्र के मानसिक रूप से प्रभावित होने से जुड़े इन आरोपों की अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

मामला सदर कोतवाली क्षेत्र के शिवपुरी कॉलोनी स्थित सरस्वती बाल मंदिर इंटर कॉलेज का है। पुलिस और जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) की संयुक्त टीम मामले की जांच कर रही है।

रेस्टीकेट करने के बाद सौंरा पहुंचा छात्र

परिजनों के मुताबिक, 26 अगस्त को करीब 10:30 बजे तेजस को स्कूल से रेस्टीकेट कर दिया गया। उनका सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर छात्र को स्कूल से निकाला गया था तो इसकी सूचना उसके माता-पिता या परिजनों को क्यों नहीं दी गई?

स्कूल से निकलने के बाद तेजस साइकिल से सौंरा की ओर चला गया। करीब 3 बजे मलवां पुलिस को सौंरा गांव के पास पुलिया के नीचे एक छात्र के अचेत पड़े होने की सूचना मिली। उसकी साइकिल भी पास में पड़ी थी।

एएसपी ज्ञान प्रकाश राय ने गुरुवार दोपहर 3:44 बजे बताया कि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छात्र को मेडिकल कॉलेज फतेहपुर पहुंचाया।

आई-कार्ड से हुई पहचान

छात्र के पास मिले स्कूल के आई-कार्ड से उसकी पहचान तेजस द्विवेदी के रूप में हुई। वह सरस्वती बाल मंदिर इंटर कॉलेज, शिवपुरी कॉलोनी में कक्षा-12 का छात्र था। पुलिस ने उसके परिजनों और स्कूल प्रशासन को सूचना दी। इसके बाद परिजन और स्कूल से जुड़े लोग मेडिकल कॉलेज पहुंचे।

परिजनों से बोला- पानी दो, सब बताऊंगा

परिजनों के मुताबिक, फतेहपुर मेडिकल कॉलेज में तेजस ने उनसे पानी मांगा और कहा कि वह उन्हें पूरी बात बताएगा। उसकी हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने उसे कानपुर रेफर कर दिया।

परिजन उसे कानपुर के हैलट अस्पताल लेकर जा रहे थे, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। हैलट अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को फतेहपुर लाकर मोर्चरी में रखवाया गया। पुलिस ने पंचायतनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू की।

परिजन बोले- शरीर पर चोट के निशान थे

छात्र की बुआ साधना मिश्रा ने कॉलेज प्रबंधन पर आरोप लगाते हुए कहा कि अगर तेजस के पास नकल की पर्ची मिली थी तो उसके साथ मारपीट क्यों की गई? उसे स्कूल से जाने क्यों दिया गया? कॉलेज प्रबंधन को परिजनों को सूचना देनी चाहिए थी।

उनका कहना है कि तेजस जिला मुख्यालय से करीब 12 किलोमीटर दूर अचेत अवस्था में मिला। पुलिस से सूचना मिलने के बाद जब वे फतेहपुर मेडिकल कॉलेज पहुंचे तो उन्होंने छात्र के शरीर पर चोट के निशान होने का दावा किया।

साधना मिश्रा ने कहा कि तेजस पूरे परिवार में इकलौता बेटा था। परिवार चाहता है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और कॉलेज प्रबंधन से जुड़े जिन लोगों की भूमिका सामने आए, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।

कानपुर जाते समय स्कूल प्रबंधन के लोग भी पहुंचे

परिजनों का आरोप है कि तेजस को कानपुर रेफर किए जाने के दौरान स्कूल प्रबंधन के लोग 3-4 गाड़ियों से कानपुर पहुंचे थे। उनका आरोप है कि इस दौरान परिजनों को किसी अन्य व्यक्ति से बातचीत करने से भी मना किया गया।

परिजन सवाल उठा रहे हैं कि जब छात्र को स्कूल से रेस्टीकेट किया गया था तो परिवार को इसकी जानकारी क्यों नहीं दी गई। उनका कहना है कि यदि स्कूल प्रबंधन ने समय रहते परिजनों को सूचना दी होती तो छात्र को घर ले जाया जा सकता था और उसकी स्थिति के बारे में परिवार तत्काल फैसला ले सकता था।

अंतिम संस्कार में स्कूल प्रबंधन के नहीं पहुंचने का आरोप

रुवार को तेजस का शव फतेहपुर पहुंचा। शाम को अंतिम संस्कार किया गया। परिजनों का कहना है कि अंतिम संस्कार में स्कूल प्रबंधन की ओर से कोई भी व्यक्ति शामिल नहीं हुआ। इसको लेकर भी परिवार में नाराजगी है।

पुलिस और DIOS की संयुक्त टीम कर रही जांच:

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि घटना वाले दिन परीक्षा के दौरान तेजस को अनुचित साधन का इस्तेमाल करते हुए पकड़े जाने की बात सामने आई थी। पुलिस को उसके पहले से अस्वस्थ रहने की जानकारी भी मिली है।

वहीं, परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर मारपीट, प्रताड़ना, जुर्माना लगाने और छात्र को परीक्षा से बाहर करने के आरोप लगाए हैं। पुलिस और DIOS की संयुक्त टीम स्कूल से जुड़े आरोपों समेत मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

अभी तक परिजनों की ओर से पुलिस को लिखित तहरीर नहीं दी गई थी। गुरुवार शाम परिजन कार्रवाई की मांग को लेकर एसपी आवास पहुंचे। उन्होंने एसपी से मिलने और मामले में कार्रवाई की मांग की। परिजनों ने अंतिम संस्कार के बाद पुलिस को तहरीर देकर एफआईआर दर्ज कराने की बात कही है।

साधना मिश्रा ने मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों पर भी लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि परिजन लगातार तेजस को रेफर करने की मांग करते रहे, लेकिन करीब एक घंटे तक कोई सुनवाई नहीं हुई। हालत बिगड़ने के बाद उसे कानपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। इस आरोप की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस-डीआईओएस की जांच से ही छात्र की मौत के वास्तविक कारण और स्कूल प्रबंधन की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी। हालांकि, छात्र को रेस्टीकेट किए जाने, परिजनों को इसकी सूचना न दिए जाने और उसके बाद सौंरा में अचेत मिलने की घटना ने स्कूल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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